SUPER Exclusive (वीडियो) नीतीश सरकार के नाक के नीचे विकास की हैरान कर देने वाली तस्वीर, कंधे पर मरीज और बिना सड़क का गाँव देखिए

बृज भूषण कुमार,ब्यूरो प्रमुख,पटनासिटी

पटना Live डेस्क। राज्य में विकास की बयार बहाने का दावा करने वाले सूबे के मुख्यमंत्री को विकास पुरुष, सुशासन बाबू जैसे तमाम उपनामों से नवाजा  गया है।  लेकिन,हद तो देखिए की सीएम के बिल्कुल नाक के नीचे राजधानी पटना से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी जो भयावह तस्वीरें दिखी वो सरकार के विकास के दावों की न केवल पोल खोलता है बल्कि राज्य और केंद्र की योजनाओं का स्याह चेहरा उजागर करता है।
यह गाँव पटना जिले के अंतर्गत आता है। यह गाँव फतुहां प्रखंड स्थित दौलतपुर के तौर पर जाना जाता है। लेकिन आज़ादी के 72 सालो के बाद भी इस गाँव को पक्की सड़क नसीब नही हो पाई है। जिसका फलाफल है कि आज भी बरसात के मौसम में गाँवो वालो को शहर आने जाने में भारी दिक्कतों और  परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालात तब और खराब हो जाते है जब गाँव में कोई बीमार हो जाता है। तब मरीज़ को खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाने के सिवाय कोई ऑप्शन नही बचता।                                   विकास के शोर का स्याह सच                                  बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के शासन तंत्र का दावा है कि  सूबे के अधिकांश सुदूर  देहाती क्षेत्रो के गॉवो में सड़क निर्माण कराया गया है। पर ज़मीनी हक़ीक़त और सरकारी दावों के बीच ज़मीन आसमान का अंतर है।इसकी बानगी तो राजधानी पटना से सटे फतुहां प्रखंड के दौलतपुर में ही दिख गई। इस गांव में देश की आजादी बहत्तर सालो के बाद भी आजतक तक सड़क नाम की कोई व्यवस्था या निर्माण नही हुआ है।                   जबकि फतुहा के राजद से विधायक डॉ रामानंद यादव के गृह पंचायत क्षेत्र मौजीपुर में स्थित है दौलतपुर गॉव। गॉव के लोगो को आज भी कच्चे रास्तो से आन -जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में वो भी कच्ची सड़क गड्ढो में तब्दील हो जाता है। उसमे पानी से भर जाता है। गांव के लोगो को उसी जमा पानी के रास्ते से अपने रोजमर्रा के कामो खातिर आना जाना पड़ता है।                      बिना सड़क के गांव का नजारा देखिये                     सर पर खटिया और खटिया पर मरीज लाद कर पानी के रास्ते शहर जाने को मजबूर यह लोग सूबे के किसी सुदूर बियाबान जंगली कोने में नही रहते है बल्कि ये है राजधानी पटना से सटे फतुहा प्रखंड मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर दौलतपुर गॉव के निवासी है। जहाँ बाशिन्दे आज भी माथे पर बोझा लेकर पानी में घुस कर शहर के बाजार तक जाने को मजबूर है। गांव से को एनएच से जोड़ने का एक मात्र सहारा यही वो सड़क है।                          वही बरसात के मौसम मे गाँव का रास्ता गड्ढे में तब्दील हो जाता है। जिसके कारण लोगो को शहर से लौटने के बाद गांव से आधा किलोमीटर पहले ही बाइक और साइकिल की पार्किंग कर गांव में जाना पड़ता है। जहाँ कई बार ग्रामीण लोगो की बाइक भी चोरी हो जाती है। गॉव के लोगो की माने तो कई बार विधायक से सड़क बनाने का गुहार लगाया पर कोई फायदा नहीं हुआ है। विधायक जी हर बार चुनाव के समय सड़क बनाने का आश्वासन दे कर चले जाते है।मुखिया जी बोले ….

वही दौलतपुर गाँव के मुखिया ने बताया कि फोरलेन से गाँव जाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण होना है जो मुखिया के फंड से बाहर की बात है। इसके लिए विधायक और सांसद दोनों से कागजी तौर पर आवेदन दिया गया है पर अब तक कोई जबाब नहीं मिला है।                                   
उल्लेखनीय है कि विगत महिने पूर्व सूबे के विधायको द्वारा अपने फंड खर्च करने की बात का लेखा जोखा पेश किया गया था। लेकिन सुर्खियों में आयी थी जिसमे सबसे कम विधायक फंड का उपयोग करने वाले विधायक डॉक्टर रामानंद यादव का नाम था। अब सवाल है कि क्या दौलतपुर की जनता विधायक जी को वोट इस लिए दिया था कि उनकी समस्याओं धरी की धरी रह जाये।       आप भी दौलतपुुर के दर्द की स्याह तस्वीर