Super Exclusive -(खुलासा) फतुहा नाव हादसा 3 दिन बाद भी नही मिले शव, तो देर शाम दर्ज हुआ FIR, क्योकि …सीमा विवाद में फस गया नाव हादसा

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बृजभूषण कुमार, ब्यूरो प्रमुख, पटनासिटी

पटना Live डेस्क। फतुहा के पटना के मस्ताना घाट पर त्रासदी के 72 घंटे बाद भी सुशासन सरकार के नाक के नीचे संवेदनहीनता का चरम देखिये। नाव हादसे के तीन त दिन बीतने के बाद भी वैशाली जिला और पटना जिला  के सीमा विवाद को लेकर थाने में न मामला दर्ज  हुआ है और ना ही हादसे डूबे लोगो का अबतक शव ही बरामद किया गया है। सरकारी बाबुओं के अंदर संवेदनशीलता किस कदर खत्म हो गई है इसका नमूना दिखाई दिया मस्ताना घाट पर,जहां अपनो को खोने का दर्द और बहते आसूं के बीच लोग टकटकी लगाकर गंगा की गोद से अपनो का शव निकालने जाने के इंतज़ार में है। तो प्रशासनिक अमला नक्शा निकाल कर सीमा विवाद खत्म करने की कवायद में जुटा है ताकि ज़िम्मेदारी से पिंड छुड़ाया जा सके। अमूमन शवो पर सियासत का जुमला तो बहुत सुना अब शवो पर जिलो का पिंड छुड़ाओ अभियान पहली बार देखने को मिला है। प्रशासन का संवेदनहीनता इतनी हद तक गई है की सिमा विवाद का फैसला नक्शे से हुआ?

वही घटना में घायल हुए फतुहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीजों को भी अस्पताल से हटाया जा रहा है। जिसको लेकर परिजनों में जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।परिजनों का कहना है की प्रशासन पूरी तरह लापरवाह है। शव की तलाश करने में कोताहि बरत रही है।अगर प्रशासन की ओर से उन्हें रहने की कोई व्यवस्था नहीं की गई तो वे सड़क पर उतर कर हंगामा करेंगे।
वही पटना सिटी SDO का कहना है की गंगा नदी का धारा तेज रहने के कारण शव को अब तक बरामद नहीं किया गया है। तेज धारा होने के कारण संभवतः शव बहाव में आगे चला गया है। वही मामला दर्ज न किये जाने के सम्बन्ध में उनका कहना था की सिमा का फैसला अब “नक़्शे “से तय किया जायेगा। इस बाबत एसडीओ राजेश रौशन साहब का बयान सुनिए। हकीकत वो खुद बयान कर रहे है।

जैसे ही पटना Live ने इस बाबत खुलासे की मुहिम शुरू की आनन फानन में FIR दर्ज करने की मुहिम शुरू कर दी गई। लेकिन सवाल अब भी वही है आखिर कब तक मिलेंगे शव। इस को लेकर फतुहा के मस्ताना घाट के निकट नाव दुर्घटना में मृतकों के लिए रफ द्वारा फतुहा स्टेशन रोड के पास देवी स्थान में मोमबत्ती जलाकर श्रदाँजलि दी गयी। आप भी श्रद्धांजलि दीजिये और अफसोस जाहिर कीजिये ..