लखनऊ का एक करोड़ अस्सी लाख का एक पेड़ बना अखिलेश सरकार की लूट लीला का सुबूत

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पटना Live डेस्क। एक पेड़ की कीमत एक करोड़ अस्सी लाख सुनकर आप भौंचक्क रह गए होंगे यकीनन पर यकीन मानिए। उत्तर प्रदेश की राजधानी के गोमती नगर स्थित जेपी सेंटर में अखिलेश सरकार द्वारा लगवाये गए पेड़ की कीमत सुनते ही हमारे भी पैर के नीचे की जमीन खिसक गई। फिर क्या था बिना वक्त गवाए हम उस “एक पेड़ ” के दर्शन करने जा पहुचे।

                       लखनऊ में लगे इस पेड़ के बाबत राम मनोहर लोहिया पार्क के अधिकारियों से मिली जानकारी मिली कि यह बेशकीमती पेड़ गोमतीनगर में ही निर्माणा —धीन जे पी सेंटर यानी लखनऊ विकास प्राधिकरण के पीछे में स्थापित किया गया है जो वास्तव में प्राकृतिक पेड़ न होकर विदेश से मंगाया गया पेड़नुमा सोलर लाइट है।
जेपी सेंटर जहाँ निर्माणाजारी है के बीच मे पेड़नुमा यह सोलर लाइट है। मिली जानकारी के मुताबिक पेड़ के पत्तेनुमा क्षेत्र में सोलर पैनल लगे है जिससे सूर्य की रौशनी में यह पेड़ चार्ज होकर रात में रौशनी देता है। रात में जब इस बेशकीमती एक करोड़ अस्सी लाख में खरीदी गई लाइट वही पेड़ को देखा तो  के कुछ बल्ब फ्यूज़ थे तो कुछ गायब। इसे बताने वाला भी कोई नही था।अब प्रश्न यह है कि एक करोड़ अस्सी लाख मूल्य के बेशकीमती पेड़ रूपी सोलर लाइट की स्थिति इतनी खराब होने की संभावना थी तो इसे खरीदने से पहले देखा क्यो नही गया। इसका दायित्व किसका था तथा उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही होनी है। क्रय करने से पूर्व इसका मूल्य कैसे और किसने पास किया।पता करना होगा कि इसका वास्तविक मूल्य क्या था तथा इस पर कितना कमीशन खाया गया।


इस पेड़ के हालात साफ़ इशारा कर रहा है कि खेल बहुत लंबा है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे हो,रिवर फ्रंट योजना या गोमतीनगर स्थित जे पी सेंटर सभी अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट्स ने आते है। इन सभी प्रोजेक्ट्स में पैसा पानी की तरह बहाया गया,जिसने जो बताया मुख्य मन्त्री उसे अनुमोदित करते चले गये। पैसा जैसे पेड़ो में लग रहा हो,जब चाहा हिलाया और गिरा लिया।पैसों का ऐसा ही “एक पेड़” गोमतीनगर स्थित जेपी सेंटर में भी अखिलेश सरकार द्वारा लगवाया गया है जिसने दुसरो की जेबे मोटी कर दी।यह महज एक उदाहरण है पूर्वर्ती सरकार के लूट तंत्र का हद है भैया यूपी को लूटने की।

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