पटना के डीएसपी लॉ & आर्डर मांगते है लड़की – 2 बच्चों की माँ ने लगाए बेहद गंभीर आरोप

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पटना Live डेस्क। पटना पुलिस के एक और डीएसपी पर महिला के बेहद गंभीर आरोप लगाए है। 2 बच्चों की माँ पीड़िता जो राजीव नगर थाना क्षेत्र में रहती है का कहना है कि न्याय दिलाने के बदले डीएसपी ने लड़की इंतजाम करने की मांग कर दी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ छेड़खानी के मामले के आईओ ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि अभियुक्त जो सीआरपीएफ का सिपाही और पूर्व केस आईओ ने  मिलकर पीड़िता को धमकाया। केस के आई.ओ. ने  पीड़ित महिला से रिश्वत माँगा। लेकिन इंस्पेक्टर की इस रिपोर्ट के वावजूद ना तो अभियुक्त गिरफ्तार हुआ और ना ही रिश्वत माँगने के आरोपी केस के आई.ओ. के खिलाफ कोई कारवाई हुई। इसके बाद डीएसपी साहब ने तो न्याय के बदले महिला की आबरू पर ही प्रहार कर दिया।
दरअसल पीड़िता पटना के राजीव नगर में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं।उनके साथ उनके एक पडोसी सीआरपीएफ के जवान ने छेड़खानी की। घटना के बाद  पीड़िता राजीव नगर थाने पहुँच गईं शिकायत दर्ज कराने  शिकायत भी दर्ज हो गई। पुलिस छानबीन करने आरोपी के घर भी गयी।लेकिन वह फरार हो गया।एक साल से ज्यादा हो गया पर आज तक वह गिरफ्तार नहीं हुआ। थाने पुलिस का कहना है कि वह मिल नहीं रहा है।
राजीव नगर थाने से कुछ नहीं हुआ, पीड़िता निराश हो गई। लेकिन इसी बीच एक दिन रात दस बजे थाने से केस के आइओ का उसके मोबाइल पर काला आया। कॉल कर कहा गया कि डीएसपी साहब मामले की जांच पड़ताल खुद करने आपके घर आये हैं। आप घर पहुँच जाइए। रात दस बजे पीड़िता अकेली 2 बच्चों के साथ रहने वाली महिला के घर जांच करने रात दस बजे क्यों कोई पुलिस ऑफिसर आएगा? उसने दूसरे दिन आने को कहा। लेकिन आईओ के यह समझाने पर कि बड़े साहब हैं,मना करने पर नाराज हो जायेगें। आपका केस बिगड़ जाएगा, डर से वह पार्लर से घर आ गई।

डीएसपी साहब घर में के अंदर पहुचे, सरसरी तौर पर घर का जायजा लिया। फिर घर के साथ पीड़िता की तारीफ़ करते हुए डीएसपी साहब ने कहा-बहुत मेहनत करती हो। घर भी अच्छा बना लिया है। पार्लर चलाती हो ? फिर उसके पीठ पर प्यार से हाथ फेरा और दे दिया एक ऑफर -मेरा भी ध्यान रखों। मेरे लिए भी कुछ व्यवस्था करो, तुम्हारा सारा कम कर दूंगा। पीड़िता  समझ गई थी साहब का मंसूबा, लेकिन ना समझने का नाटक करते हुए बोली -साहब मैं आपके लिए क्या कर सकती हूँ? पार्लर चलाकर परिवार पालती हूँ।।मेरे पास पैसा नहीं है। डीएसपी साहब ने अब प्यार की जगह दबाकर पीठ पर हाथ रखा।।समझती क्यों नहीं।पैसा नहीं मेरे लिए भी कोई अच्छी लड़की की व्यवस्था करो।प्रियंका डीएसपी का हाथ झटक दूर जा खड़ी हुई।साहब ये क्या बोल रहे हैं? मैं वैसी औरत नहीं हूँ? मेरे पार्लर में कोई लड़की काम नहीं करती है। मैं तो खुद चलाती हूँ। फिर क्या था डीएसपी साहब ने कह दिया कोई बात नहीं तुम खुद आ जाओ,मैं तुम्हारा सारा काम कर दूंगा। डीएसपी साहब ने खड़े-खड़े मिलन की तारीख भी झट से तय कर दी। रविवार को मेरे पास आ जाओ,या फिर आईओ को फोन कर जगह बता दो मैं खुद आ जाऊंगा। डीएसपी साहब ऑफर देकर घर से निकल गए.साहब अब दरवाजे के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ खड़े थे। अब सुने पीड़िता की जुबानी पूरी कहानी …