Super Exclusive(वीडियो) एक जज की प्रताड़ना से आज़िज़ आकर ट्रांसपोर्टर ने खाया सल्फास, स्यूसाइड नोट से खुला राज़,अब इंसाफ मांगता परिवार 

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बृज भूषण कुमार,ब्यूरो प्रमुख, पटनासिटी

पटना Live डेस्क। वर्त्तमान दौर में पैसे ने इंसानी रिश्तों और दरकते सामाजिक तानेबाने की हैरतअंगेज घटनाओ को जन्म देना शुरू कर दिया है। ऐसी ही एक घटना का सनसनी खेज खुलासा राजधानी पटना में हुआ है। जहा अपने ही रिश्तेदार एक जज के प्रताड़ना का शिकार एक परिवार हो गया और उस परिवार के मुखिया ने ज़हर खा कर अपनी जान दे दी।
दरअसल मामला पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र के भद्र घाट स्थित पुष्प बिहार कॉलोनी का है जहाँ ट्रांसपोर्टर भानु प्रताप सिंह(58 वर्ष) की मौत 10 अप्रैल को ज़हर खाने की वज़ह से हो गई। भानु प्रताप की खुदकुशी की वज़ह उनकी बहन और उनकी बहनोई (जज) से ज़मीनी विवाद की वजह सामने आ रही है।

मृतक का भाई मनुप्रताप सिंह ने बताया कि वह नोएडा में रहते है। पिता स्व. दिनेश्वर सिंह डीएसपी पद से रिटायर हुए थे। रिटायर डीएसपी के बड़े बेटे भानु प्रताप सिंह का पूर्व में उनका ट्रांसपोर्ट का बड़ा काम था, बाद के दिनों में ट्रांसपोर्ट का काम बंद कर दिया था। इसके बाद चंपारण स्थित घर की ज़मीन को बेच कर 9 लाख 75 हज़ार रुपये अपने बहनोई फ़ास्ट ट्रैक के जज राणा अभय प्रताप सिंह को दिया था ताकि कुछ रोजी रोटी का साधन बन सके और अपने एक लड़की की शादी व दो बेटों को पढ़ाने की जिम्मेदारी को निभा सके।
मृतक के भाई मनुप्रताप सिंह ने बताया कि मेरे बहनोई (जज) रुपये लेकर उन्हें कुछ दिन काम पर रख लिया और कुछ ही दिनों के बाद किसी बात को लेकर कहासुनी भी हो गई थी। जिसके बाद बहनोई (जज) को दिया हुआ रुपये नही मिलने से मृतक भानु प्रताप काफ़ी तनाव में थे। जिसके बाद सल्फास की गोली खा कर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने से पहले भानु प्रताप सिंह ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमे भानु प्रताप ने लिखा है कि अपनी बहन किरण और बहनोई(जज) के प्रताड़ित करने की वज़ह से ऐसा कदम उठा रहे है।


अब मृतक के परिवार वालो का आरोप है कि पुलिस को सुसाइड नोट मिलने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाई नही कर रही है क्यों कि मेरी बहन (किरण) बहनोई (फ़ास्ट ट्रैक के जज) और उनका बेटा (हाई कोर्ट का वकील) है। जिस कारण दवाव पड़ने के कारण पुलिस भी कुछ नही कर रही है।
इस पूरे मामले में पटना सिटी के ASP हरि मोहन शुक्ल का कहना है कि मामले को बहुत ही बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे सख्त सख्त कानूनी कार्यवाई की जायेगी। अब देखना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या जज और वकील के दवाव में पुलिस अपना फर्ज निभा पाती है या नही।

देखे एक आशियाने की दर्दभरी कहानी ….