बड़ी ख़बर -(वीडियो)अनंत के अंत खातिर दी गई थी 50 लाख की सुपारी,एसटीएफ ने शूटरों को दबोच हुआ पर्दाफ़ाश

पटना Live डेस्क।बिहार के बेहद चर्चित बाहुबलियों में शुमार मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह के अंत की साज़िश का स्पेशल टास्क फोर्स और पटना पुलिस के दस्ते ने पर्दाफ़ाश किया है। पुलिस और  एसटीएफ द्वारा पकड़े गए अपराधी मोनू सिंह ने यह खुलासा किया है।सोनपुर मेले में ही विधायक अनंत सिंह के अंत को तैयारी की गई थी लेकिन यह संभव न हो पाया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार मोनू सिंह मोकामा इलाके का कुख्यात अपराधी है।निर्दलीय विधायक और समर्थकों के बीच छोटे सरकार के नाम से चर्चित अनंत सिंह की हत्या की सुपारी पचास लाख रुपए में दी गई थी।
दबोचे गए मोनू सिंह ने पटना पुलिस को कथित तौर पर बताया है कि सोनपुर मेले के दौरान ही विधायक की हत्या की जानी थी।हालांकि यह योजना सफल नहीं हो सकी। विधायक अनंत सिंह के प्रतिद्वंदी खेमे के द्वारा अनंत सिंह को मारने के लिए इतने बड़े रकम की सुपारी का इंतजाम किया था। पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने आधिकारिक तौर पर बताया कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह की हत्या की साजिश अपराधियों द्वारा रची जा रही थी। मनु महाराज ने बताया कि अनंत सिंह के खिलाफ साजिश सफल नहीं हो पाई थी। बताया जा रहा है कि मोनू सिंह ने अनंत सिंह की हत्या के लिए जिस डील का खुलासा किया है। उसके लिए विधायक अनंत सिंह के चिर प्रतिद्वंदी विवेका पहलवान और दूसरे विरोधियों द्वारा साजिश रची गई थी। पुलिस ने हालांकि अभी उन नामों का खुलासा नहीं किया है। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पचास लाख की सुपारी का इंतजाम कर कौन लोग विधायक को मारने की योजना बना रहे थे।
50 लाख और मुख्तार अंसारी
पटना के सीनियर एसपी मनु महाराज की स्पेशल टीम ने दो ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो मोकामा के दबंग विधायक अनंत सिंह के मर्डर की सुपारी लिए हुए थे। पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि अनंत सिंह और उनके करीबी सहयोगी मुखिया प्रत्याशी मणि सिंह की हत्या के लिए 50 लाख रूपये का सौदा चल रहा था।
पटना के एसएसपी ने गिरफ्तार अपराधियों का नाम मोनू और निलेश बताया है। इस गिरोह को सोनू-मोनू गैंग के नाम से जाना जाता है। यह गैंग कई बड़ी वारदात को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार मोनू ने ही कुछ महीने पहले बाढ़ कोर्ट परिसर में Aहत्याकांड को अंजाम दिया था। गिरफ्तार निलेश अंडरवर्ल्ड के कुख्यात गुड्डू शर्मा का दाहिना हाथ रहा है। मोनू के रिश्ते उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी से है। मनु महाराज ने बताया कि पुलिस की स्पेशल टीम को इस गिरोह के मूवमेंट की लगातार जानकारी मिल रही थी।आखिरकार टीम के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली। जानकारी थी कि सभी धाहौर ग्राम के एक चिमनी-भट्टा पर जमा हैं। जब पुलिस ने वहां रेड किया तो गोली चलने लगी।पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. फिर दो अपराधी पकड़े गए।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पिस्तौल, गोली, लैपटॉप और मोबाइल वगैरह मिला है। इसी गिरोह ने पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में विपुल ऑटो पार्ट्स की दुकान में भी डकैती डाली थी। सीनियर एसपी ने कहा कि इन दोनों अपराधियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जायेगा। इस गिरोह के तार दिल्ली-उत्तर प्रदेश-झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी फैले हैं। साथ ही इनके अन्य अपराधी सहयोगियों की गिरफ्तारी खातिर प्रयास किये जा रहे है। जिनके द्वारा यूपी में शरण लिए जाने के बाबत जानकारी मिली है।