बड़ी खबर-(खुलासा) बेउर में बंद फ़र्ज़ी आईएएस निकला बड़ा शातिर देश भर में कुल 32 FIR दर्ज,अब समस्तीपुर से भी आया प्रोडक्शन वारेंट

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पटना Live डेस्क। बिहार के कांग्रेस नेता ललन कुमार से 17 लाख 50 हजार रुपये ठगी करने के आरोपित फर्जी आइएएस निर्भय सिंह को कोतवाली पुलिस की टीम ने पत्नी समेत एक पखवाड़े पहले एनसीआर के गुड़गांव से गिरफ्तार कर पटना लाया था और जेल भेज दिया था। साथ ही आपको जानकर हैरानी होगी कि फर्जी आईएएस निर्भय सिंह के खिलाफ इंडिया भर में कुल 32 FIR दर्ज है। वही तिहाड़ जेल के बाद बेऊर जेल में बंद फर्जी आईएएस दंपती को समस्तीपुर कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी किया है।
पटना के केंद्रीय कारागार बेउर जेल में बंद फर्जी आईएएस दंपती के आजादी की राहें आसान होते नहीं दिख रहीं हैं।अब बिहार के ही समस्तीपुर के सीजेएम ने फर्जी आईएएस दंपती के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया हैं। 2 जनवरी को दोनों को हाजिर होना हैं।
विदित हो कि राजधानी पटना के मंदिरी निवासी युवा नेता ललन कुमार का 17लाख 50 हजार रूपये की ठगी करने वाला गुड़गांव का फर्जी आईएएस दंपती निर्भय सिंह एवं मिथलेश सिंह बेऊर जेल में बंद हैं।दंपती को कोतवाली पुलिस ने बीते 21 नवंबर को गुड़गांव से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 24 घंटे का रिमांड पर लेकर पूछताछ किया लेकिन विशेष कुछ भी हाथ नहीं लगी।ठगी के अलावा बहुत सारे बातें बेहद रहस्यमयी बना हुआ हैं।फर्जी आईएएस निर्भय सिंह के ठिकाने से पुलिस ने कई ऐसे दस्तावेज बरामद किया हैं जिसका गोपनीय ढंग से पुलिस जांच कर रहीं हैं।                                          निर्भय का अब आईएएस होने से इनकार

                हालाकि अब निर्भय सिंह अपने को आईएएस बताने की बात को खारिज करता हैं।इधर एससी/एसटी कोर्ट ने फ़र्ज़ी आईएएस निर्भय की पत्नी मिथलेश सिंह के नियमित जमानत की सुनवाई पर अपना आर्डर रिजर्व रखा हैं।वहीं दूसरी ओर बुधवार को समस्तीपुर कोर्ट ने केस संख्या 1862/17 (सीओएमपी) के आरोपी फर्जी आईएएस दंपती निर्भय सिंह एवं मिथलेश सिंह के खिलाफ एक और प्रोडक्शन वारंट जारी किया हैं। कोर्ट द्वारा जारी प्रोडक्शन वारंट बुधवार को विशेष दूत द्वारा बेऊर जेल पहुंच चुका हैं। 2 जनवरी 2018 को दंपती परिवार को समस्तीपुर सीजेएम के समक्ष पेशी होनी हैं।                                  अबतक 32 FIR दर्ज का हुआ खुलासा                                           अब,ऐसा माना जा रहा है की गुरुवार को बेऊर जेल प्रशासन समस्तीपुर कोर्ट में पेशी के इजाजत के लिए एससी/एसटी कोर्ट में आदेश के लिए आवेदन देगी। सुत्रों की मानें तो फर्जी आईएएस दंपती के खिलाफ बिहार में भी कई और ठगी के मामले दर्ज होने की सम्भावना हैं। वही अब तक बेउर जेल को  को तिहाड़ जेल दिल्ली से भी प्रोडक्शन वारेंट प्राप्त हो चुका है।वही अब तक कुल 32 FIR फर्जी आईएएस दम्पति के बाबत देश भर में दर्ज होने का पता चला है।सुर्खियों में छाया फर्जी आईएएस दंपती मामले में अब बिहार पुलिस मुख्यालय भी नजर रख रहा है।
वही, पटना पुलिस ठगी के शिकार युवा नेता और आरोपी दोनों के मोबाइल का कॉल डिटेल भी निकालने की तैयारी में पुलिस जुट गयी हैं। बहरहाल आगे की कार्रवाई क्या होगी और कानून के जद में और कौन-कौन होंगे यह समय बताएगा।                                                                              इधर, निर्भय के खुद को आईएएस होने की बात खारिज करने की बात पर पीड़ित ललन कुमार का कहना है की निर्भय सिंह ग़लत बातें गढ़ पुलिस को गुमराह कर रही है। सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ मैंने पुरी साक्ष्य रखा है और पुलिस को दे चुका हूँ।वही आपको बताते चलें कि निर्भय सिंह और ललन कुमार युवा नेता की दोस्ती हुआ करती थी। इसी दोस्ती के बल पर निर्भय सिंह फर्जी आईएएस ने ललन कुमार का भरोसा जीता और मोटी रकम लेकर दोस्ती शब्द को एक बार फिर से बदनाम कर डाला। बताते चलें कि निर्भय सिंह फर्जी आईएएस के फर्जी लेटर पैड पर कई सरकारी विभागों में कई लोगों को गवर्नमेंट जॉब देने से लेकर कई योजनाओं में धोखाधड़ी करने के इरादे से इस्तेमाल किया गया है। दूसरी ओर प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक किसी भी अनुसंधान में फर्जी आईएएस निर्भय सिंह ने किसी भी सांसद का नाम नहीं लिया है। वही ललन कुमार से 17 लाख रुपए लेने की बात स्वीकार किया है।

 

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