सुशासन की सरकार में सरकारी विद्यालय बना शराब का गोदाम, जिम्मेदार कौन?

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मनोज कुमार-ब्यूरो कॉर्डिनेटर

पटना Live डेस्क। सुबे में पूर्ण शरबाबन्दी है। सरकार इसको लेकर तमाम दावे करती है। लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही इशारे करते है। इसी कड़ी में शराब माफिया मोटे मुनाफ़े खातिर शराब तस्करी कर उसे रखने खातिर सरकारी स्कूलों का भी इस्तेमाल करने से नही हिचक रहा है। इस का खुलासा तब हुआ जब जहानाबाद के नगर थाना के धनगांवां गांव के किशुनचंद दांगी हाई स्कूल के एक कमरे से बिक्री के लिये रखी गयी हरियाणा निर्मित शराब भारी मात्र में बरामद की गयी है। इस मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
तस्करों में एक का नाम कन्हैया निराला और दूसरे का शिव नारायण शर्मा बताया जा रहा है जो घोसी थाना के नंदना गांव का रहने वाले है। दोनों स्कूल के एक कमरे में शराब रखकर उसकी खरीद—फरोख्त किया करता था। पुलिसिया बयान में दावा किया गया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में यह शराब का जखीरा बरामद किया गया है। बकौल पुलिस  जब विद्यालय में छापेमारी की तो शराब देखकर अधिकारियों की आंखें फटी रह गयीं। बरामद अंग्रेजी शराब की 1876 बोतलों की कीमत तकरीबन उन्नीस लाख रूपये आंकी जा रही है।
इस बाबत एसडीपीओ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि घोसी थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद को गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आलोक में एक टीम बनाकर छापेमारी की गयी। छापेमारी के क्रम में स्कूल से 1874 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। वहीं उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टी होने की वजह से बंद यह स्कूल शराब कारोबारियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया था  जहां एक कमरे में इसे भंडारित कर लोगो को शराब बेची जा रही थीं। वहीं गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।


गौरतलब हो कि सरकार के द्वारा बिहार में लागू शराबबंदी कानून को दरकिनार करते हुए अवैध शराब के कारोबारी हरियाणा सहित दूसरे राज्यों से शराब लाकर उसे मोटे मुनाफे पर बिक्री करने में जुटे हैं. जहानाबाद में भी अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। अब आगे देखना लाजमी होगा कि अब तक सुशासन बाबू की शराबबंदी के उलट नजारा पर क्या करवाई होगी।

अहम और बड़े सवाल…

सूबे में पूर्ण शराबबंदी के बाबजूद भी सूबे की सड़कों पर शराब से भरी गाड़िया सभी जिलों में पहुँचती कैसे है? क्या वाहनों की चेकिंग सूबे में कही नही हो पाती ? इससे यह साफ जाहिर हैं कि सूबे में किसी क्षेत्रो में कोई भी अवैध चीज़ आसानी से कोई भी ले जा सकता है? ये पहला वाक्य नही जब सरकारी विद्यालय परिसर से शराब बरमाद हुई है। तो क्या अब सरकारी विद्यालय शरबा तस्करों के अड्डे में तब्दील होते जा रहे है ?

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